क्या चाहिए
- कम से कम 2 डायरेक्टर और 2 शेयरहोल्डर (वही लोग दोनों हो सकते हैं)। कम से कम एक डायरेक्टर भारत में रहने वाला हो।
- भारत में रजिस्टर्ड ऑफिस का पता, सबूत के साथ।
- कम से कम पूँजी की कोई शर्त नहीं। Rs 15 लाख तक की authorised capital पर MCA फीस ज़ीरो है; stamp duty राज्य के हिसाब से लगती है।
- कुल खर्चा मोटे तौर पर Rs 7,000 से 25,000 तक, DSC और प्रोफेशनल फीस मिलाकर (राज्य और सर्विस देने वाले के हिसाब से बदलता है)।
स्टेप बाय स्टेप
- DSC हर डायरेक्टर और subscriber के लिए, cca.gov.in पर दी गई लाइसेंस वाली कंपनी से।
- नाम रिज़र्व करें - mca.gov.in पर SPICe+ Part A से। पहले ipindia.gov.in पर ट्रेडमार्क देखें और 2 नाम दें।
- SPICe+ Part B - mca.gov.in पर: कंपनी की जानकारी, डायरेक्टर (3 नए डायरेक्टर तक का DIN यहीं मिल जाता है), पूँजी, पता।
- e-MOA और e-AOA (कंपनी का मकसद और नियम), SPICe+ के साथ ही।
- AGILE-PRO-S फॉर्म, SPICe+ के साथ: GST (चाहें तो), EPFO, ESIC, प्रोफेशनल टैक्स (कुछ राज्यों में) और बैंक अकाउंट के लिए।
- Certificate of Incorporation मिलता है - CIN, PAN और TAN के साथ।
रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद (ये न भूलें)
| क्या | कब तक | कहाँ |
|---|---|---|
| बैंक अकाउंट खोलें और शेयर का पैसा जमा करें | तुरंत | आपका बैंक |
| बोर्ड पहला ऑडिटर नियुक्त करे | 30 दिन में | बोर्ड रेज़ोल्यूशन (कौन सा फॉर्म भरना है, CS/CA बताएँगे) |
| बिज़नेस शुरू करने का फॉर्म (INC-20A) | 180 दिन में | mca.gov.in |
| शेयर सर्टिफिकेट देना | 60 दिन में | कंपनी के रिकॉर्ड |
| पहली बोर्ड मीटिंग | 30 दिन में | कंपनी के रिकॉर्ड में मिनट्स |
हर साल के काम
- CA से हिसाब का ऑडिट (हर कंपनी के लिए ज़रूरी, चाहे बिक्री ज़ीरो हो)।
- ज़रूरी बोर्ड मीटिंग्स, और सालाना आम बैठक (AGM)।
- AGM के बाद mca.gov.in पर AOC-4 (हिसाब) और MGT-7 / MGT-7A (सालाना रिटर्न)।
- डायरेक्टर KYC (DIR-3 KYC) MCA के नियम के हिसाब से - कितनी बार, ये मौजूदा नियम में देखें।
- incometax.gov.in पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-6), TDS काटते हैं तो tdscpc.gov.in पर TDS रिटर्न, और GST रजिस्टर्ड हैं तो GST रिटर्न।
दिक्कतें, और उनका हल
| दिक्कत | हल |
|---|---|
| नाम बार-बार रिजेक्ट | एक अनोखा बनाया हुआ शब्द + आपका काम (जैसे "[आपका-शब्द] Learning Pvt Ltd"); पहले से मौजूद कंपनी या ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते नाम न रखें। |
| फॉर्म दोबारा भेजने के लिए लौटा | ROC का कमेंट ध्यान से पढ़ें, सिर्फ़ वही बात ठीक करें, और दिए गए समय में दोबारा भेजें। |
| PAN, Aadhaar और DSC में डायरेक्टर का नाम अलग | पहले सब एक जैसा करवाएँ - रिजेक्शन की ये सबसे आम वजह है। |
| INC-20A भूल गए | लेट फीस के साथ जल्दी भरें; इसके बिना कंपनी कानूनी तौर पर बिज़नेस शुरू नहीं कर सकती और बंद भी की जा सकती है। |
| 1-2 साल बाद भारी लेट फीस | MCA फॉर्म की लेट फीस रोज़ बढ़ती है। कैलेंडर रिमाइंडर लगाएँ, या सालाना काम के लिए CA/CS रखें। |
सीख
SPICe+ से रजिस्ट्रेशन एक ही ऑनलाइन प्रोसेस है - पर Pvt Ltd के साथ हर साल ऑडिट और फॉर्म आते हैं, इसलिए पहले दिन से इनकी प्लानिंग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Private Limited कंपनी के लिए कितने डायरेक्टर चाहिए?
कम से कम दो, और उनमें से कम से कम एक भारत में रहने वाला। One Person Company में एक ही काफ़ी है।
क्या Private Limited कंपनी का ऑडिट ज़रूरी है?
हाँ, हर कंपनी का हिसाब हर साल किसी Chartered Accountant से ऑडिट करवाना ज़रूरी है।
आख़िरी बार जाँचा गया: नवंबर 2026। ये सिर्फ़ आम जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं।